क्या आप स्कूल कम गए हैं? क्या आपकी हाजिरी (Attendance) 75% से कम है? अगर हां, तो आपके लिए बुरी खबर हो सकती है। यूपी बोर्ड ने इस बार सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन छात्रों की उपस्थिति मानक के अनुसार पूरी नहीं होगी, उन्हें परीक्षा में बैठने से रोक दिया जाएगा। बोर्ड ने ऐसे छात्रों की लिस्ट मांगनी शुरू कर दी है।
हर साल हजारों छात्र सिर्फ इसलिए परीक्षा नहीं दे पाते क्योंकि उन्होंने स्कूल जाना जरूरी नहीं समझा। प्राइवेट फॉर्म भरने वालों के लिए नियम अलग हैं, लेकिन रेगुलर (Regular) छात्रों के लिए यह नियम गले की हड्डी बन सकता है।
क्या है बोर्ड का नियम?
नियमों के मुताबिक, किसी भी रेगुलर छात्र की 14 मई से लेकर जनवरी अंत तक कुल शैक्षिक दिवसों में कम से कम 75% उपस्थिति होनी चाहिए। अगर आपकी अटेंडेंस 60% से 75% के बीच है, तो मेडिकल सर्टिफिकेट या किसी ठोस कारण के आधार पर प्रिंसिपल और DIOS उसे माफ (Condonation) कर सकते हैं। लेकिन अगर 60% से भी कम है, तो एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।
कैसे पता करें अपना स्टेटस?
अगर आपको डर है कि आपकी अटेंडेंस कम है, तो तुरंत अपने क्लास टीचर से मिलें। स्कूल के रजिस्टर में आपकी हाजिरी चेक करें। कई बार प्रैक्टिकल फाइल्स जमा करने और एक्स्ट्रा क्लास से अटेंडेंस पूरी हो जाती है। अगर स्कूल वाले नाम काटने की धमकी दे रहे हैं, तो अभिभावकों को लेकर स्कूल जाएं और मेडिकल कारण बताएं।
क्या सच में एडमिट कार्ड रुकता है?
ज्यादातर मामलों में, स्कूल अपने रिजल्ट को खराब होने से बचाने के लिए छात्रों का एडमिट कार्ड नहीं रोकते। वे कोई न कोई रास्ता निकाल लेते हैं। लेकिन अगर आप ‘नॉन-अटेंडिंग’ (Dummy) एडमिशन के भरोसे बैठे थे और स्कूल सख्त है, तो दिक्कत हो सकती है। इसलिए “सेटिंग” के भरोसे न रहें और स्कूल के संपर्क में रहें।
महत्वपूर्ण लिंक्स और जानकारी
| विवरण | आधिकारिक लिंक |
|---|---|
| Rules & Regulations | https://upmsp.edu.in/Instruction.aspx |
| Official Website | https://upmsp.edu.in |

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