बोर्ड परीक्षा देकर आने के बाद हर छात्र यही सोचता है – “पता नहीं एग्जामिनर मेरी कॉपी कैसे चेक करेगा?” क्या वे एक-एक लाइन पढ़ेंगे? क्या वे सख्ती से नंबर काटेंगे? आज हम आपको यूपी बोर्ड के मूल्यांकन केंद्रों (Evaluation Centers) के अंदर की हकीकत बताने जा रहे हैं।
दरअसल, एग्जामिनरों पर समय का दबाव होता है। उन्हें हर दिन 40-50 कॉपियां चेक करनी होती हैं। ऐसे में वे हर कॉपी को बहुत गहराई से नहीं पढ़ पाते। इसका फायदा स्मार्ट छात्र उठा सकते हैं। अगर आप जानते हैं कि एग्जामिनर की नज़र कहां जाती है, तो आप औसत लिखकर भी टॉपर बन सकते हैं।
1. शुरुआत और अंत (Start & End)
एग्जामिनर सबसे पहले आपकी कॉपी की शुरुआत देखते हैं। अगर पहले 2-3 पन्नों पर उत्तर सटीक हैं, राइटिंग साफ़ है और कोई कटिंग नहीं है, तो वे मान लेते हैं कि छात्र होनहार है। इसे ‘Halo Effect’ कहते हैं। इसके बाद वे बीच के उत्तरों पर भी अच्छे नंबर देते चले जाते हैं। इसलिए, जो सवाल सबसे अच्छे से आते हों, उन्हें सबसे पहले करें।
2. स्टेप मार्किंग (Step Marking) का फायदा
यूपी बोर्ड में अब स्टेप मार्किंग अनिवार्य है। गणित और विज्ञान में अगर आपका फाइनल उत्तर गलत भी है, लेकिन आपने सूत्र (Formula) और स्टेप्स सही लिखे हैं, तो आपको आधे से ज्यादा नंबर मिल जाएंगे।
सीक्रेट: कोई भी सवाल खाली न छोड़ें। अगर उत्तर नहीं आता, तो उससे जुड़ा प्रश्न, फॉर्मूला या जो भी याद हो, लिख दें। एग्जामिनर को आपको नंबर देने का ‘बहाना’ चाहिए होता है।
3. प्रेजेंटेशन (Presentation)
जो दिखता है, वो बिकता है।
– हेडिंग्स: काले स्केच पेन से बोल्ड हेडिंग्स डालें।
– गैप: उत्तरों के बीच पर्याप्त जगह छोड़ें।
– चित्र: जहां संभव हो, छोटे डायग्राम बनाएं।
साफ-सुथरी कॉपी देखते ही एग्जामिनर का मूड खुश हो जाता है और पेन से नंबर अपने आप निकलने लगते हैं।
क्या पैसे रखने से नंबर बढ़ते हैं?
बिल्कुल नहीं! यह सबसे बड़ी गलतफहमी है। कॉपी चेक करते समय सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं और कई बार मजिस्ट्रेट चेकिंग भी होती है। कॉपी में नोट (Currency Notes) मिलने पर एग्जामिनर उसे जमा करवा देते हैं और छात्र के नंबर तो नहीं बढ़ते, बल्कि उसकी छवि खराब हो जाती है। कई बार सख्त एग्जामिनर इसके लिए आपके नंबर काट भी सकते हैं। इसलिए ऐसी गलती भूलकर भी न करें। ‘सर पास कर देना, मेरी शादी है’ जैसी इमोशनल अपील भी काम नहीं आती।
किस बात पर कटते हैं नंबर?
– बहुत ज्यादा काट-छांट (Scribbling) करने पर।
– प्रश्न संख्या (Question Number) गलत डालने पर।
– पूछी गई बात से भटककर बेकार की बातें लिखने पर।
– रेड पेन या कलरफुल पेन का इस्तेमाल करने पर (सिर्फ ब्लू और ब्लैक का ही यूज करें)।
निष्कर्ष
एग्जामिनर आपके दुश्मन नहीं हैं। वे भी चाहते हैं कि बच्चे पास हों। बस अपनी कॉपी को उनके लिए ‘पढ़ने में आसान’ (Easy to Read) बनाएं। अगर वे आसानी से पढ़ पाएंगे, तो वे आसानी से नंबर भी देंगे।
महत्वपूर्ण लिंक्स और जानकारी
| विवरण | आधिकारिक लिंक |
|---|---|
| Model Answer Sheet | https://upmsp.edu.in/ModelPaper.aspx |
| Marking Scheme PDF | https://upmsp.edu.in |

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