UP Board Exam 2026 Rules: यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में इस बार नकल और अनुशासनहीनता (UFM) को लेकर बोर्ड ने Zero Tolerance Policy अपनाई है। 18 फरवरी को जब आप परीक्षा हॉल में बैठेंगे, तो आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर सकती है। हर साल हजारों छात्र ऐसे होते हैं जो पढ़ाई में बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन परीक्षा केंद्र पर अनजाने में की गई एक छोटी सी गलती उनके पूरे करियर को अंधकार में डाल देती है।
नमस्ते मेरे प्यारे भाई-बहनों! मैं हूँ आपकी दोस्त समरीन। एक शिक्षा सलाहकार के तौर पर मेरा फर्ज है कि मैं आपको परीक्षा के उन ‘खतरनाक’ नियमों से आगाह करूँ जिनसे आपको हर हाल में बचना है। अक्सर छात्र सोचते हैं कि वे नकल नहीं कर रहे तो वे सुरक्षित हैं, लेकिन UFM (Unfair Means) के नियम इससे कहीं अधिक व्यापक और सख्त हैं। आज के इस विशेष लेख में, मैं आपको उन 7 गलतियों के बारे में विस्तार से बताऊँगी जो आपका साल खराब कर सकती हैं।
UFM क्या होता है और यह छात्र के भविष्य को कैसे प्रभावित करता है?
UFM का अर्थ है ‘अनुचित साधनों का प्रयोग’। यदि कोई छात्र परीक्षा के दौरान बोर्ड द्वारा निर्धारित किसी भी नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो केंद्र व्यवस्थापक या सचल दस्ता (Flying Squad) उस पर UFM का केस दर्ज करता है।
- विषय का पेपर रद्द: जिस पेपर में UFM लगता है, उसके अंक शून्य कर दिए जाते हैं।
- परिणाम रोकना (Withheld): आपका पूरा रिजल्ट रोक दिया जाता है और आपको बोर्ड ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
- डिबार (Debar) करना: गंभीर मामलों में छात्र को 1 से 3 साल के लिए बोर्ड परीक्षा देने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
[Image: A high-quality creative showing a red ‘UFM’ stamp over a blurred answer sheet with a warning icon]
इन 7 गलतियों पर तुरंत लग जाता है UFM: समरीन की चेकलिस्ट
परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से लेकर कॉपी जमा करने तक, इन 7 बातों का विशेष ध्यान रखें:
1. उत्तर पुस्तिका पर मोबाइल नंबर या पैसे रखना
अक्सर छात्र पास होने की गुहार लगाते हुए अपनी कॉपी में ₹100, ₹200 या ₹500 के नोट स्टेपल कर देते हैं या अपना मोबाइल नंबर लिख देते हैं। याद रखें, यूपी बोर्ड की कॉपियाँ अब सीसीटीवी की निगरानी में चेक होती हैं और उनकी कोडिंग होती है। ऐसा करना सीधे तौर पर ‘रिश्वत’ और ‘अनुचित प्रभाव’ डालने की श्रेणी में आता है, जिस पर तुरंत UFM लगता है।
2. जेब में कागज का छोटा टुकड़ा या पुरानी पर्ची
चाहे आपने उसे पढ़ा हो या नहीं, और चाहे वह किसी दूसरे विषय का ही क्यों न हो—यदि चेकिंग के दौरान आपकी जेब, जूते या कपड़ों से कोई भी कागज का टुकड़ा मिला, तो उसे ‘नकल सामग्री’ मान लिया जाएगा। परीक्षा केंद्र में घुसने से पहले अपनी जेबें अच्छी तरह चेक कर लें।
3. स्मार्ट वॉच, डिजिटल घड़ी या ब्लूटूथ डिवाइस
कई छात्र इसे मामूली समझते हैं, लेकिन बोर्ड ने साफ किया है कि डिजिटल या स्मार्ट वॉच सीधे नकल की श्रेणी में आती है। परीक्षा हॉल में केवल साधारण सुई वाली (Analog) घड़ी ही पहनकर जाएं। मोबाइल या ब्लूटूथ तो भूलकर भी साथ न ले जाएं, चाहे वह बंद ही क्यों न हो।
| गलती (Violation) | बोर्ड की संभावित कार्रवाई |
|---|---|
| दूसरे की कॉपी से देख कर लिखना | दोनों छात्रों पर सामूहिक नकल का केस |
| कॉपी पर नाम या धार्मिक चिह्न बनाना | कॉपी रिजेक्ट और अंक काटना |
| निरीक्षक से बहस या अभद्रता | परीक्षा से निष्कासन और कानूनी कार्यवाही |
4. ओएमआर शीट (OMR) पर इरेज़र या व्हाइटनर का प्रयोग
हाईस्कूल के छात्रों को 20 नंबर के बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए ओएमआर शीट दी जाती है। यदि आप उत्तर बदलने के लिए उसे खुरचते हैं, ब्लेड का उपयोग करते हैं या व्हाइटनर लगाते हैं, तो वह शीट ‘Suspect’ मानी जाती है और कंप्यूटर उसे रीड नहीं करता। यह भी एक प्रकार का नियम उल्लंघन है।
5. उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) के पन्ने फाड़ना
कुछ छात्र रफ काम करने के बाद कॉपी के बीच से पन्ने फाड़ देते हैं। बोर्ड कॉपियों के हर पन्ने पर एक सीरियल नंबर होता है। यदि कोई पन्ना गायब मिलता है, तो यह माना जाता है कि छात्र ने नकल सामग्री छिपाई थी या साक्ष्य मिटाए हैं। रफ काम के लिए आखिरी पन्ने का उपयोग करें और उसे क्रॉस (X) कर दें।
6. प्रश्नपत्र (Question Paper) पर उत्तर या संकेत लिखना
पेपर मिलने के बाद छात्र अक्सर उस पर टिक मार्क करने या छोटे-छोटे उत्तर लिखने लगते हैं। बोर्ड के नियमों के अनुसार, प्रश्नपत्र पर केवल अपना रोल नंबर लिखने की अनुमति है। यदि फ्लाइंग स्क्वाड ने आपके हाथ में ऐसा पेपर देखा जिस पर कुछ लिखा है, तो आप पर UFM दर्ज हो सकता है।
7. कॉपी पर अनावश्यक धार्मिक चिह्न या अपील लिखना
कॉपी के पहले या अंतिम पेज पर “ॐ”, “786” या “सर मुझे पास कर देना, मैं गरीब हूँ” जैसी बातें लिखना वर्जित है। इसे छात्र की पहचान उजागर करने का प्रयास माना जाता है और बोर्ड इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखता है।
⚠️ चेतावनी
मेरे प्यारे बच्चों, एक बार UFM लग जाने के बाद कोई भी सफाई, माफी या रसूख काम नहीं आता। बोर्ड के नियमों के सामने सभी समान हैं। इसलिए अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और इन शॉर्टकट्स से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।
UP Board Exam 2026: सुरक्षित रहने के 5 ‘गोल्डन रूल’
- पारदर्शी पाउच: हमेशा ट्रांसपेरेंट पाउच और पारदर्शी पानी की बोतल का ही उपयोग करें।
- समय का प्रबंधन: सेंटर पर कम से कम 1 घंटा पहले पहुँचें ताकि चेकिंग के समय हड़बड़ी न हो।
- डेस्क की जांच: बैठने से पहले अपनी डेस्क और उसके आसपास देख लें कि कोई कागज तो नहीं पड़ा है।
- हस्ताक्षर: उपस्थिति पत्रक (Attendance Sheet) पर अपना साइन करना न भूलें, वरना आपकी मेहनत बेकार जाएगी।
- एडमिट कार्ड: अपने प्रवेश पत्र के पीछे पेंसिल से भी कुछ न लिखें, इसे साफ़-सुथरा रखें।
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लेखक का परिचय: समरीन
![]() | समरीन (Senior Education Consultant & Expert) मेरा नाम समरीन है और मेरा मिशन यूपी बोर्ड के हर छात्र को सही जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना है। मैं जानती हूँ कि परीक्षा का तनाव क्या होता है, इसलिए मैं हमेशा कोशिश करती हूँ कि आपको आसान भाषा में सही रास्ता दिखा सकूँ। यदि आपके मन में बोर्ड नियमों को लेकर कोई भी शंका है, तो बेझिझक नीचे कमेंट करें। शुभकामनाएँ! |
(क्या आपको UFM के इन सख्त नियमों के बारे में पहले से पता था? कमेंट में “YES” या “NO” जरूर लिखें।)

मेरा नाम समरीन है। मैं भी UP Board से पढ़ी हूँ, और मुझे आज भी याद है कि रिजल्ट से पहले वाली रात रोल नंबर ढूंढने में कितना पसीना आता था। इसीलिए मैंने upmsp.info बनाया। मेरा मकसद कोई बिज़नेस करना नहीं, बल्कि आप जैसे छोटे भाई-बहनों की मदद करना है ताकि आपको सही और सीधी जानकारी के लिए भटकना न पड़े।
