उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की बोर्ड परीक्षाएं जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, छात्रों के मन में पास और फेल होने का डर भी बढ़ता जा रहा है। खासकर कमजोर छात्रों के लिए यह जानना सबसे जरूरी है कि आखिर 2026 में पास होने के लिए कम से कम कितने नंबर (Minimum Passing Marks) चाहिए। सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें उड़ रही हैं कि इस बार पासिंग मार्क्स बदल दिए गए हैं। आज हम आपको बोर्ड के आधिकारिक नियमों के आधार पर बताएंगे कि आपको हर विषय में कितने नंबर लाने होंगे।
बोर्ड ने इस बार नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत कुछ बदलाव जरूर किए हैं, लेकिन पासिंग मार्क्स का मूल सिद्धांत वही है। हालांकि, प्रैक्टिकल और लिखित परीक्षा के अंकों का गणित समझना थोड़ा पेचीदा हो सकता है। अगर आप भी 10वीं या 12वीं के छात्र हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत राहत भरी हो सकती है क्योंकि बोर्ड ने स्टेप मार्किंग (Step Marking) को लेकर भी स्थिति साफ कर दी है।
10वीं (High School) के लिए पासिंग मार्क्स का गणित
हाईस्कूल के छात्रों के लिए 70 अंकों की लिखित परीक्षा और 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) होता है। पास होने के लिए आपको कुल मिलाकर 33% अंक लाने होते हैं।
यानी 100 में से कम से कम 33 नंबर।
लेकिन यहां एक पेंच है। आपको लिखित परीक्षा में भी पास होना जरूरी है।
70 नंबर के पेपर में आपको कम से कम 23 नंबर लाने होंगे। और स्कूल स्तर पर होने वाले 30 नंबर के प्रैक्टिकल में 10 नंबर लाने अनिवार्य हैं। अगर आप लिखित में 23 से कम लाते हैं और प्रैक्टिकल में पूरे 30 भी मिलते हैं, तो भी आप फेल माने जाएंगे। इसलिए थ्योरी पर विशेष ध्यान दें।
12वीं (Intermediate) के नियम थोड़े अलग हैं
इंटरमीडिएट में दो तरह के विषय होते हैं – प्रैक्टिकल वाले और बिना प्रैक्टिकल वाले।
1. प्रैक्टिकल विषय (जैसे Physics, Chemistry, Biology): इसमें 70 नंबर का पेपर और 30 नंबर का प्रैक्टिकल होता है। इसमें पास होने के लिए थ्योरी में 23 नंबर और प्रैक्टिकल में 10 नंबर अलग-अलग लाने होते हैं। कुल मिलाकर 33 नंबर होने चाहिए।
2. नॉन-प्रैक्टिकल विषय (जैसे Math, Hindi, English): इसमें पूरा पेपर 100 नंबर का होता है और पास होने के लिए सीधे 33 नंबर लाने होते हैं।
क्या ‘ग्रेस मार्क्स’ से पास हो सकते हैं?
जी हां, यूपी बोर्ड में ग्रेस मार्क्स (Grace Marks) का प्रावधान है। अगर कोई छात्र किसी एक या दो विषय में बहुत कम नंबरों (जैसे 1 या 2 नंबर) से फेल हो रहा होता है, तो बोर्ड उसे ग्रेस मार्क्स देकर पास कर देता है। हालांकि, यह अधिकार पूरी तरह से बोर्ड के पास सुरक्षित है और यह हर साल की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। ग्रेस मार्क्स से पास होने पर मार्कशीट में G लिखकर आता है, लेकिन इससे आपके भविष्य या नौकरी पर कोई असर नहीं पड़ता।
सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें
इन दिनों यूट्यूब और व्हाट्सएप पर कई वीडियो चल रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि पासिंग मार्क्स घटाकर 25% कर दिए गए हैं। यह पूरी तरह झूठ है। बोर्ड ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। आपको अपनी मेहनत और पढ़ाई पर भरोसा रखना चाहिए। पास होने के लिए शॉर्टकट ढूंढने के बजाय सिलेबस को अच्छे से रिवाइज करें।
स्टेप मार्किंग: छात्रों के लिए वरदान
2026 की परीक्षा में स्टेप मार्किंग को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि अगर आपका पूरा सवाल सही नहीं भी है, लेकिन आपने कुछ स्टेप्स सही लिखे हैं, तो आपको उन स्टेप्स के नंबर जरूर मिलेंगे। इसलिए सलाह दी जाती है कि कोई भी प्रश्न छोड़ें नहीं। जितना आता है, उतना जरूर लिखें। गणित और विज्ञान जैसे विषयों में यह नियम छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
रिजल्ट में ‘कंपार्टमेंट’ कब आती है?
अगर दुर्भाग्यवश कोई छात्र एक या दो विषयों में 33% नंबर नहीं ला पाता है, तो उसे फेल नहीं किया जाता, बल्कि उसकी कंपार्टमेंट (Compartment) आती है। ऐसे छात्र दोबारा परीक्षा देकर उसी साल पास हो सकते हैं। लेकिन अगर कोई 3 या उससे ज्यादा विषयों में फेल होता है, तो उसे पूरा साल दोहराना पड़ता है। इसलिए कोशिश करें कि ऐसी नौबत ही न आए।
अभी क्या करें?
नंबर जोड़ने और पासिंग मार्क्स का गुणा-भाग करने में समय बर्बाद न करें। अभी पूरा फोकस रिवीजन और मॉडल पेपर सॉल्व करने पर लगाएं। जो टॉपिक कमजोर हैं, उन्हें मजबूत करें। याद रखें, 33 नंबर लाना कोई मुश्किल काम नहीं है, थोड़ी सी डिसिप्लिन और सही रणनीति से आप आसानी से फर्स्ट डिवीजन स्कोर कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक्स और जानकारी
| विवरण | आधिकारिक लिंक |
|---|---|
| UP Board Passing Criteria Official PDF | https://upmsp.edu.in |
| Model Paper Download | https://upmsp.edu.in/ModelPaper.aspx |
| Time Table 2026 | https://upmsp.edu.in/TimeTable.aspx |
| Admit Card Portal | https://upmsp.edu.in/AdmitCard.aspx |

मेरा नाम समरीन है। मैं भी UP Board से पढ़ी हूँ, और मुझे आज भी याद है कि रिजल्ट से पहले वाली रात रोल नंबर ढूंढने में कितना पसीना आता था। इसीलिए मैंने upmsp.info बनाया। मेरा मकसद कोई बिज़नेस करना नहीं, बल्कि आप जैसे छोटे भाई-बहनों की मदद करना है ताकि आपको सही और सीधी जानकारी के लिए भटकना न पड़े।