लिखित परीक्षा से पहले यूपी बोर्ड के छात्रों के लिए ‘प्रैक्टिकल परीक्षा’ (Practical Exam) किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होती। खासकर 12वीं के विज्ञान वर्ग (Physics, Chemistry, Biology) के छात्रों के लिए, जहां 30 नंबर सीधे उनके हाथ में होते हैं। अक्सर छात्र थ्योरी में तो अच्छा कर लेते हैं लेकिन प्रैक्टिकल और वाइवा (Viva) के नाम से घबराते हैं।
क्या आप जानते हैं कि प्रैक्टिकल में 30 में से 28-30 नंबर लाना बहुत आसान है? बस आपको ‘एग्जामिनर को खुश करने’ की कला आनी चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि चार्ट पेपर पर क्या बनाना चाहिए, फाइल कैसे सजानी चाहिए और वाइवा में कैसे जवाब देना चाहिए।
चार्ट पेपर (Chart Paper) पर क्या बनाएं?
चार्ट पेपर वाइवा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। एग्जामिनर का पहला सवाल अक्सर यही होता है, “बेटा, चार्ट पर क्या बनाकर लाए हो?”
इसलिए चार्ट पर वही टॉपिक बनाएं:
1. जो आसान हो: बहुत जटिल डायग्राम न चुनें जिसे आप समझा न सकें।
2. जिसकी पूरी जानकारी हो: जो भी चित्र बनाएं, उसका सिद्धांत (Principle), कार्यविधि (Working), और नामांकित भाग (Labeling) आपको रटा होना चाहिए।
3. Physics: ट्रांसफार्मर, मीटर सेतु, पोटेंशियोमीटर या लॉजिक गेट्स अच्छे विकल्प हैं।
4. Chemistry: अमोनिया बनाने की विधि, इलेक्ट्रोकेमिकल सेल या प्रयोगशाला विधियां।
5. Biology: DNA स्ट्रक्चर, मानव जनन तंत्र, या कोई पादप चक्र।
वाइवा (Viva) के स्मार्ट टिप्स
वाइवा में एग्जामिनर आपके ज्ञान से ज्यादा आपके आत्मविश्वास (Confidence) को परखते हैं।
– Eye Contact: एग्जामिनर की आंखों में देखकर बात करें, इधर-उधर न देखें।
– ईमानदारी: अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आता, तो विनम्रता से कह दें “सर, मुझे याद नहीं आ रहा” या “सॉरी सर, मैंने यह नहीं पढ़ा”। गलत जवाब देने या घुमाने की कोशिश न करें, एग्जामिनर सब समझते हैं।
– ड्रेस कोड: पूर्ण स्कूल यूनिफॉर्म में जाएं। बाल कटे होने चाहिए, नाखून साफ होने चाहिए। अनुशासित छात्र को हमेशा अच्छे नंबर मिलते हैं।
– बेसिक सवाल: अपने प्रोजेक्ट के अलावा विषय के बेसिक फॉर्मूले और मात्रक (Units) जरूर याद करके जाएं।
प्रैक्टिकल फाइल (Practical File) का महत्व
आपकी प्रैक्टिकल फाइल आपकी साल भर की मेहनत का सबूत होती है। फाइल पूरी तरह चेक होनी चाहिए और उस पर टीचर के साइन होने चाहिए। फाइल पर एक अच्छा कवर चढ़ाएं और पहला पेज इंडेक्स (Index) का रखें। फाइल जितनी साफ-सुथरी होगी, प्रभाव उतना ही अच्छा पड़ेगा। एग्जामिनर फाइल पलटकर जरूर देखते हैं।
लैब में व्यवहार (Behaviour in Lab)
जब एग्जामिनर लैब में राउंड पर आएं, तो अपने उपकरण (Apparatus) के साथ व्यस्त रहें। दोस्तों से बात करते हुए या हंसी-मजाक करते हुए न पकड़े जाएं। अनुशासनहीनता आपके नंबर कटवा सकती है। एग्जामिनर को “Good Morning/Afternoon Sir” विश करना न भूलें।
30 नंबर का ब्रेकअप
आमतौर पर 30 नंबर इस तरह बंटे होते हैं:
– प्रयोग (Experiment): 10-12 नंबर
– फाइल और प्रोजेक्ट: 4-6 नंबर
– वाइवा (Viva): 4-8 नंबर
– अनुशासन/उपस्थिति: शेष अंक
इसलिए हर हिस्से पर ध्यान दें।
घबराएं नहीं, बाहर से आने वाले एग्जामिनर भी शिक्षक ही होते हैं और वे बच्चों को नंबर देना चाहते हैं, काटना नहीं। बस उन्हें नंबर देने की वजह दें। इन टिप्स को फॉलो करें, 30 में से 30 पक्के हैं!
महत्वपूर्ण लिंक्स और जानकारी
| विवरण | आधिकारिक लिंक |
|---|---|
| Practical Exam Guidelines | https://upmsp.edu.in |
| Model Chart Topics | https://upmsp.edu.in/ModelPaper.aspx |
| Helpline | https://upmsp.edu.in/Helpdesk.aspx |

मेरा नाम समरीन है। मैं भी UP Board से पढ़ी हूँ, और मुझे आज भी याद है कि रिजल्ट से पहले वाली रात रोल नंबर ढूंढने में कितना पसीना आता था। इसीलिए मैंने upmsp.info बनाया। मेरा मकसद कोई बिज़नेस करना नहीं, बल्कि आप जैसे छोटे भाई-बहनों की मदद करना है ताकि आपको सही और सीधी जानकारी के लिए भटकना न पड़े।