यूपी प्री बोर्ड परीक्षा पासिंग मार्क्स 2026 देखें – UP Board Pre Exam Passing Marks 10th 12th

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UPMSP) द्वारा सत्र 2025-26 के लिए आयोजित की जा रही प्री-बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के लिए केवल एक अभ्यास मात्र नहीं हैं, बल्कि यह बोर्ड परीक्षा 2026 की सफलता की नींव हैं। जनवरी के इस महीने में जब कड़ाके की ठंड पड़ रही है, तब उत्तर प्रदेश के 52 लाख से अधिक छात्र अपनी मेजों पर बैठकर इस साल की सबसे महत्वपूर्ण तैयारी में जुटे हैं। इस समय छात्रों और अभिभावकों के बीच सबसे बड़ी चर्चा का विषय UP Board Pre-Exam Passing Marks 2026 है।

मैं हूँ आपकी दोस्त समरीन। एक शिक्षा विशेषज्ञ के तौर पर मेरा हमेशा से यह प्रयास रहा है कि मैं आपको केवल खबर न दूँ, बल्कि उस खबर के पीछे के तथ्यों और नियमों से भी अवगत कराऊँ। अक्सर छात्र प्री-बोर्ड को ‘हल्के’ में लेकर गलती कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें मुख्य परीक्षा के दौरान भुगतना पड़ता है। आज के इस विस्तृत लेख में हम समझेंगे कि 10वीं और 12वीं के लिए पासिंग मार्क्स का क्या गणित है और बोर्ड के नवीनतम दिशा-निर्देश क्या कहते हैं।

यूपी बोर्ड प्री-बोर्ड परीक्षा 2026
यूपी बोर्ड प्री-बोर्ड परीक्षा 2026

यूपी बोर्ड प्री-बोर्ड परीक्षा 2026

यूपी बोर्ड की प्री-बोर्ड परीक्षाएं आमतौर पर मुख्य लिखित परीक्षा से एक महीने पहले आयोजित की जाती हैं। इस वर्ष 18 फरवरी 2026 से मुख्य परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, इसलिए जनवरी का दूसरा और तीसरा सप्ताह प्री-बोर्ड के लिए निर्धारित किया गया है। यह परीक्षा बोर्ड के पूर्ण सिलेबस (100% Syllabus) पर आधारित होती है और इसका प्रश्नपत्र भी ठीक उसी पैटर्न पर तैयार किया जाता है जैसा कि आपको मुख्य परीक्षा में देखने को मिलेगा।

कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) के लिए पासिंग मार्क्स का नियम

हाईस्कूल के छात्रों के लिए यूपी बोर्ड ने एक ‘सतत और व्यापक मूल्यांकन’ (CCE) प्रणाली अपनाई है। इसमें प्रत्येक विषय 100 अंकों का होता है, लेकिन इसे दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है। पास होने के लिए छात्र को दोनों भागों के कुल योग में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते हैं।

  • लिखित परीक्षा (Theory): यह परीक्षा 70 अंकों की होती है। इसमें उत्तीर्ण होने के लिए आपको कम से कम 23 अंक प्राप्त करने अनिवार्य हैं।
  • आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment): यह स्कूल स्तर पर 30 अंकों का होता है। इसमें पास होने के लिए 10 अंक आवश्यक हैं।
  • कुल योग: यदि किसी छात्र के लिखित में 23 और प्रोजेक्ट में 10 अंक आते हैं, तो वह 33 अंकों के साथ उत्तीर्ण माना जाएगा।

कक्षा 12वीं (इंटरमीडिएट) के लिए पासिंग मार्क्स का विश्लेषण

इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए नियम थोड़े भिन्न हैं, क्योंकि यहाँ विषयों की प्रकृति के आधार पर अंकों का विभाजन अलग-अलग होता है। यहाँ भी उत्तीर्ण होने के लिए 33% अंक की अनिवार्यता है, लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रैक्टिकल विषयों में छात्र को लिखित और प्रयोगात्मक परीक्षा में अलग-अलग पास होना पड़ता है।

विषय श्रेणीकुल अंकपासिंग मार्क्स (अनिवार्य)
बिना प्रैक्टिकल वाले (हिंदी, गणित)10033 अंक
प्रैक्टिकल वाले (भौतिक, रसायन) – लिखित7023 अंक
प्रैक्टिकल वाले (भौतिक, रसायन) – प्रयोगात्मक3010 अंक

क्या प्री-बोर्ड में फेल होने पर एडमिट कार्ड रुक जाएगा?

यह इस समय का सबसे बड़ा भ्रम है। तकनीकी रूप से, माध्यमिक शिक्षा परिषद ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है कि प्री-बोर्ड में अनुत्तीर्ण छात्र को मुख्य परीक्षा से वंचित कर दिया जाए। एडमिट कार्ड मुख्य रूप से आपकी 75% उपस्थिति (Attendance) और आपके बोर्ड पंजीकरण (Registration) पर निर्भर करता है।

हालांकि, यहाँ एक पेच है। स्कूल प्रबंधन प्री-बोर्ड के परिणामों का उपयोग उन छात्रों की पहचान करने के लिए करता है जिन्हें अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है। यदि कोई छात्र प्री-बोर्ड परीक्षा में शामिल ही नहीं होता है, तो स्कूल उसे ‘अनुपस्थित’ मानकर उसके आंतरिक मूल्यांकन के अंक काट सकता है, जिससे फाइनल रिजल्ट प्रभावित हो सकता है। इसलिए, एडमिट कार्ड की मुसीबत से बचने के लिए परीक्षा में शामिल होना और न्यूनतम पासिंग मार्क्स लाना अत्यंत आवश्यक है।


यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक्स

छात्रों को सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए। नीचे कुछ महत्वपूर्ण लिंक्स दिए गए हैं:

UPMSP आधिकारिक पोर्टलupmsp.edu.in
मॉडल पेपर 2025-26 डाउनलोडयहाँ क्लिक करें
परीक्षा केंद्र (Center List) अपडेटलिस्ट देखें

प्री-बोर्ड परीक्षा में सफल होने के लिए समरीन दीदी की ‘टॉपर टिप्स’

यदि आपकी तैयारी अभी पूरी नहीं है और आप पासिंग मार्क्स को लेकर चिंतित हैं, तो इन 5 रणनीतियों को आज ही अपनाएं:

  1. ब्लूप्रिंट को समझें: यूपी बोर्ड के सिलेबस में कुछ चैप्टर्स ऐसे होते हैं जिनसे हर साल ज्यादा नंबर के सवाल आते हैं। सबसे पहले उन्हें तैयार करें।
  2. पिछले 3 साल के मॉडल पेपर: बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर 50% के आसपास प्रश्न पिछले वर्षों के पैटर्न पर ही आधारित होते हैं। इन्हें हल करने से आपको समय प्रबंधन का अंदाजा होगा।
  3. ओएमआर शीट (OMR Sheet) का अभ्यास: हाईस्कूल में 20 नंबर के बहुविकल्पीय प्रश्न आते हैं। यहाँ गलती की गुंजाइश शून्य होती है। गोले भरने का अभ्यास घर पर करें।
  4. साफ़-सुथरी उत्तर पुस्तिका: एग्जामिनर अक्सर साफ़ हैंडराइटिंग और स्टेप-वाइज मार्किंग को प्राथमिकता देते हैं। यदि उत्तर पूरा नहीं भी आता, तो उसके मुख्य पॉइंट्स जरूर लिखें।
  5. स्वास्थ्य का ध्यान: परीक्षा के तनाव में अपनी नींद और डाइट से समझौता न करें। एक स्वस्थ मस्तिष्क ही परीक्षा के 3 घंटों में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

निष्कर्ष: डरें नहीं, डटकर सामना करें

प्री-बोर्ड परीक्षा आपकी दुश्मन नहीं, बल्कि आपकी सबसे बड़ी सलाहकार है। यह आपको अपनी कमियां सुधारने का एक आखिरी मौका देती है। यदि आपके नंबर पासिंग मार्क्स से थोड़े कम भी आते हैं, तो निराश होने के बजाय उन विषयों पर अधिक मेहनत करें। याद रखिए, असली जंग 18 फरवरी से शुरू होगी, और आपके पास अभी भी अपनी किस्मत बदलने का समय है।


About the Author: आपकी दोस्त समरीन

समरीनसमरीन (Editor & Education Expert)

मेरा नाम समरीन है और मैं upmsp.info की संपादक हूँ। पिछले 5 वर्षों से मैं उत्तर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक सफर में सही और विश्वसनीय जानकारी के माध्यम से सहायता कर रही हूँ। मेरा मानना है कि शिक्षा और सही सूचना हर छात्र का मौलिक अधिकार है। बोर्ड परीक्षा से संबंधित किसी भी सहायता के लिए आप मुझसे सोशल मीडिया या कमेंट बॉक्स के जरिए जुड़ सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। नवीनतम अपडेट और नियमों में बदलाव के लिए कृपया समय-समय पर माध्यमिक शिक्षा परिषद् की आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें।)

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