उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा 18 फरवरी 2026 से आयोजित होने वाली परीक्षाओं को लेकर छात्रों के लिए एक बहुत ही सुखद और राहत भरी खबर सामने आई है। अक्सर बोर्ड परीक्षा का नाम सुनते ही छात्रों के मन में कड़े नियमों और चेकिंग का डर बैठ जाता है, लेकिन इस बार बोर्ड सचिव ने छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए कुछ ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
नमस्ते मेरे प्यारे छोटे भाई-बहनों! मैं हूँ आपकी दोस्त समरीन। परीक्षा की तैयारी के बीच आपकी मुस्कुराहट बहुत जरूरी है। मुझे पता है कि आप कड़ाके की ठंड और सख्त चेकिंग को लेकर चिंतित थे। आज के इस विशेष लेख में, मैं आपको उन 3 बड़े बदलावों के बारे में बताऊँगी जो इस बार आपकी परीक्षा को आसान और तनावमुक्त बनाएंगे। इस लेख को पूरा पढ़ें और राहत की सांस लें!
1. जूते-मोजे पहनकर दे सकेंगे परीक्षा (बड़ी राहत)
पिछले कुछ वर्षों में कई केंद्रों पर सुरक्षा के नाम पर छात्रों के जूते और मोजे बाहर ही उतरवा दिए जाते थे, जिससे फरवरी की ठंड में छात्रों को बहुत परेशानी होती थी। समरीन दीदी आपको बता दें कि इस बार बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्र को नंगे पांव परीक्षा देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
- नियम: छात्र साधारण जूते और मोजे पहनकर क्लास में बैठ सकते हैं।
- शर्त: केवल संदिग्ध लगने पर ही तलाशी ली जाएगी, वह भी गरिमापूर्ण तरीके से।
[Image: A professional graphic showing a smiling student entering an exam hall comfortably, with a ‘Relief for Students’ badge]
2. प्रश्नपत्र में 15 मिनट का ‘Reading Time’ अनिवार्य
कई बार छात्र शिकायत करते थे कि पेपर मिलते ही लिखना शुरू करने के दबाव में वे प्रश्न गलत पढ़ लेते हैं। इस बार बोर्ड ने सख्त आदेश दिया है कि पेपर शुरू होने से पहले के 15 मिनट केवल प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए दिए जाएंगे।
- फायदा: इस समय में आप तय कर सकते हैं कि कौन सा प्रश्न पहले हल करना है।
- समरीन की टिप: इन 15 मिनटों का उपयोग अपनी रणनीति बनाने में करें, पेन न चलाएं।
| बदलाव (Changes) | छात्रों को क्या मिलेगा फायदा? |
|---|---|
| सरल प्रश्नपत्र (Balanced Paper) | कठिन प्रश्नों के साथ आसान विकल्पों की संख्या बढ़ाई गई है। |
| मृदु व्यवहार (Soft Approach) | कक्ष निरीक्षकों को छात्रों के साथ नरमी से पेश आने के निर्देश। |
| पेयजल सुविधा | हर डेस्क पर या क्लास के बाहर साफ़ पानी की व्यवस्था अनिवार्य। |
3. ‘UFM’ के नियमों में पारदर्शिता
समरीन दीदी की सबसे बड़ी अपडेट यह है कि अब किसी भी छात्र पर ‘अंधाधुंध’ UFM (नकल का केस) नहीं लगाया जा सकेगा।
- वीडियो साक्ष्य: UFM दर्ज करने के लिए सीसीटीवी फुटेज का सबूत होना जरूरी होगा।
- छात्र का पक्ष: केस दर्ज करने से पहले छात्र को अपनी सफाई देने का मौका दिया जाएगा।
- गलती सुधारने का मौका: यदि छात्र के पास अनजाने में कोई पुरानी रसीद या कागज छूट गया है और वह नकल सामग्री नहीं है, तो उसे केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा।
💎 समरीन दीदी की ‘Relaxation Tip’
मेरे प्यारे बच्चों, बोर्ड का उद्देश्य आपको फेल करना नहीं, बल्कि आपकी योग्यता की जांच करना है। इन नए बदलावों का स्वागत करें और बिना किसी डर के अपनी तैयारी पर ध्यान दें। आप इस बार बहुत अच्छा करने वाले हैं!
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
भले ही नियमों में ढील दी गई है, लेकिन अनुशासन में कोई कमी न रखें। एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और अपनी पारदर्शी पेन किट हमेशा साथ रखें। परीक्षा केंद्र पर 30 मिनट पहले पहुँचना अभी भी अनिवार्य है ताकि आप अपनी सीट शांति से ढूंढ सकें।
UP Board 2026: महत्वपूर्ण लिंक
| Download Admit Card Release Date | यहाँ देखें |
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लेखक का परिचय: समरीन
![]() | समरीन (Digital Education Mentor & Expert) मेरा नाम समरीन है और मेरा काम है यूपी बोर्ड के छात्रों को तनावमुक्त रहकर परीक्षा की तैयारी करने में मदद करना। बोर्ड के ये नए फैसले आपकी मेहनत को सफल बनाने के लिए हैं। अपनी पढ़ाई पर भरोसा रखें और किसी भी डर के लिए मुझे कमेंट करें। मैं हमेशा आपके साथ हूँ। ऑल द बेस्ट! |
(क्या आपके स्कूल में भी पिछले साल जूते उतरवाए गए थे? अपनी आपबीती कमेंट में जरूर बताएं!)

मेरा नाम समरीन है। मैं भी UP Board से पढ़ी हूँ, और मुझे आज भी याद है कि रिजल्ट से पहले वाली रात रोल नंबर ढूंढने में कितना पसीना आता था। इसीलिए मैंने upmsp.info बनाया। मेरा मकसद कोई बिज़नेस करना नहीं, बल्कि आप जैसे छोटे भाई-बहनों की मदद करना है ताकि आपको सही और सीधी जानकारी के लिए भटकना न पड़े।
